हमारी आकाशगंगा के केंद्र के बारे में जानकारी।



हर एक आकाशगंगा के केंद्र में एक ब्लैक  है। हमारी आकाशगंगा में भी एक ब्लैक होल है जिसका नाम Sagittarius A* है। यह ब्लैक होल हमारे सूर्य के द्रव्यमान के चार मिलियन गुना अधिक बड़ा है। हाल ही में अध्ययनों के द्वारा खगोलविदों ने Sagittarius A* ब्लैक होल के आस-पास कुछ अनजान पिंडों या किसी प्रकार के तारों का पता लगाया है जो इसकी कक्षा में चक्कर लगा रहे हैं। यह चक्कर लगाने वाले पिंड गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से टेढ़े-मेढ़े ढंग से गतिमान है।

वैज्ञानिकों ने इन्हें G नाम दिया है। वैज्ञानिकों के अनुसार जैसे-जैसे यह G पिंड इस ब्लैक होल के चक्कर लगाते जाएंगे वैसे-वैसे यह पिंड समय के साथ इसके केंद्र के समीप खिंचाव महसूस करेंगे। इन G पिंडों की खोज सबसे पहले 2005 में हुई थी। इसके सात साल बाद दूसरे पिंड की खोज की गई। इसी तरह इनका नाम G1 से लेकर G6 तक सखा गया। इनमें से G1 और G2 एक-दूसरे के साथ जुडी हुई कक्षा में भ्रमण करते है और बाकी के पिंड हमारी आकाशगंगा के चक्कर लगाते है या यूँ कहें की यह पिंड उस ब्लैक होल के चक्कर लगाते हैं जो हमारी आकाशगंगा के केंद्र में स्थित है।

जब कोई पिंड ब्लैक होल के अत्यधिक नजदीक जाता है तब वह पिंड दूसरे पिंडों से एवं भौतिकी नियमों से अलग व्यवहार करने लगता है। जैसे-जैसे कोई पिंड नजदीक जाता है वह पिंड अधिक लम्बा होता जाता है और अपनी गैसें बाहर फेंकता हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारी आकाशगंगा के केंद्र में स्थित ब्लैक होल Sagittarius A* का गुरुत्वाकर्षण बल अत्यधिक है। इस वजह से उन पिंडों में फिर से वही बनावट देखने को नहीं मिलती है।

Sagittarius A*

हमारी आकाशगंगा के ब्लक होल Sagittarius A* की खोज Bruce Balick and Robert L. Brown ने राष्ट्रीय रेडियो खगोल विज्ञान वेधशाला के ग्रीन बैंक जो की 35 किमी लम्बा है के रेडियो लिंक इंटरफेरोमीटर का उपयोग करके वर्ष 1974 में की थी। इस ब्लैक का नाम Robert L. Brown ने 1982 में रखा था। हालांकि यह ब्लैक होल दूसरी आकाशगंगाओं के ब्लैक होल से यह ब्लैक होल शुरूआती दिनों में उतना अधिक प्रज्वलित नहीं था और ना ही अधिक सक्रीय था लेकिन वर्ष 2005 में खगोलविदों ने पाया की यह ब्लैक होल अपने पास आने वाले हर एक पिंड और तारकीय तत्वों को अपने अंदर निगल रहा है। 

ब्रह्माण्ड में तारों के द्वारा एक-दूसरे के साथ विलय हो जाना बहुत ही आम बात हैं। ब्लैक होल अधिकतर एक अकेले तारे को ही अपना शिकार बनाते हैं लेकिन Sagittarius A* का व्यवहार बाकी ब्लैक होल की तुलना में अलग है। 
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