एक कहानी जो मेरी ज़िंदगी बन गई है।
बात 11वीं के बाद 12वीं की है ....School की पहली क्लास थी मै काफ़ी दूर से cycle से school जाता था ।
..
Class मे enter करते ही मेरे friends चिल्लाये अबे तेरी चैन खुली है ! मै क्या करता झटके से ध्यान किया ...
फिर उन्होने दुबारा से बोला अबे यार bag की chain.. फिर पुरी class हँसने लगी....और कोई मुस्करा रहा था तो वो थी आयशा.... मैने जैसे ही उसकी तरफ़ देखा वो भी मुस्कराना बंद कर दी..
..
कुछ दिन ऐसे ही class चलती रही कुछ अलग था तो ये की वो जब मेरे तरफ देखती..
तो मै नज़रे झुका लेता और कभी मै उसे देखता तो वो हल्का सा मुस्करा देती थी llll और उसकी वो smile जिन्दगी के हर खुशी से किमती थी II Class के छुट्टी के बाद घर जाते time मै उसे बिना देखे जाता ही नही था..
वो तिराहे से अपने घर की तरफ़ मुड़ जाती थी...
..
मेरी आदत थी हिंदी लिखने के बाद ऊपर से लाइन नही खिचता था III उस दिन हिंदी के टीचर से Notebook चेक कराने गया तो Sir बोले की लाइन क्यूँ नी मारे...
..
मै बोला Sir Line मारना जरुरी होता है क्या ????? Sir बोले हाँ .. class हँसने लगी और कोई सबसे ज्यादा हँस रही थी तो वो थी आयशा .....उसको हँसता देख मुझको अलग ही खुशी मिलती थी ...मै उसको देखता ही रहता था और किसी न किसी बहाने उसे हँसाता रहता था....
..
पर उससे कभी कुछ कहने की हिम्मत नही हुई l
पुरी class को लगता था की हम दोनो एक दूसरे को प्यार करते है...,अब शायद उसे भी लगने लगा था की मै उसे बहुत चाहता हूँ ..
..
एक दिन वो school नही आयी थी....
तो अगले दिन वो मेरे से First time मुझसे... कुछ माँगी और बोली की मुझे.... अपनी Notebook देदो!..
..
मैने कहा ठीक है interval के बाद ले लेना
फिर मैने interval के time english के notebook के index page पे लिखा ...
आयशा तुम मेरी जिन्दगी हो ...
I LOVE YOU ....
..
जन्नत सी होगी मेरी जिन्दगी आयशा !!!अगर तुम्हारा साथ होगा........
और मैने उसे interval के बाद दे दिया ......मैने उस दिन की last क्लास मे उसे देखा पर वो मेरे तरफ़ ध्यान नही दी ....
..
फिर उस दिन school की छुट्टी के बाद हर रोज की तरह उसे देखने के लिये मैं तिराहे पे wait कर रहा था, मेरे friends भी साथ मे थे ....वो cycle से आयी और मुझे देखके मुस्करायी और बोली कि तुम्हारी Notebook मेरे Desk के Drawer में है.... और जाने लगी ...मेरे friends बोले की वो तेरे को प्यार करती होगी तो तेरे बुलाने पे पीछे मुड़कर देखेगी
..
मैने भी आयशा आवाज़ लगा दी ....उसने मुझे पीछे मुड़के देखना चाहा और उसके cycle की handle मुड़ गयी....
..
सामने से आ रहा ट्रक उसकी cycle से
टकरा गया, उसको और उसकी cycle को रौंदता हुआ चला गया ...........और मैं कुछ न कर सका इतना भी वक्त नहीं मिला कि उसे Hospital लेके जाऊँ .. उसकी साँसे हमेशा के लिए थम गईं....... और मैं रोता ही रह गया....
..
उसके बाद कई दिनो तक मैं school नही गया ..सब दोस्तो के कहने पे बहुत हिम्मत करके school गया...
तो हर बार उसकी bench पे ही नज़र जा रही थी ...
..
Interval हुआ सभी बाहर चले गये तो मै उसकी bench पे गया और बैठा उसकी bench की drawer मे देखा तो मेरी Notebook पड़ी थी और उसपे लिखा था ..
हाँ मैं तुम्हारी जिन्दगी हूँ....
..
LOVE YOU TOO.......
इतना पढ़ते ही मेरी आंखो आँसू आ गए.. काश मैं उस दिन उसको आवाज नहीं लगायी होती तो... आज वो सच में मेरी जिदंगी नहीं...
मेरी जिंदगी में होती.....
...
आंसू सुख गये हो जैसे सिसकियॉं नही आती
तु नही है तो हमे हिचकियॉं नही आती लिखने को लिख रखी है तेरे नाम कि कई चिट्ठियॉं पर तु जहा है वहा चिट्ठियॉं नही आती.
लेखक - अज़हर शेख
बात 11वीं के बाद 12वीं की है ....School की पहली क्लास थी मै काफ़ी दूर से cycle से school जाता था ।
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Class मे enter करते ही मेरे friends चिल्लाये अबे तेरी चैन खुली है ! मै क्या करता झटके से ध्यान किया ...
फिर उन्होने दुबारा से बोला अबे यार bag की chain.. फिर पुरी class हँसने लगी....और कोई मुस्करा रहा था तो वो थी आयशा.... मैने जैसे ही उसकी तरफ़ देखा वो भी मुस्कराना बंद कर दी..
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कुछ दिन ऐसे ही class चलती रही कुछ अलग था तो ये की वो जब मेरे तरफ देखती..
तो मै नज़रे झुका लेता और कभी मै उसे देखता तो वो हल्का सा मुस्करा देती थी llll और उसकी वो smile जिन्दगी के हर खुशी से किमती थी II Class के छुट्टी के बाद घर जाते time मै उसे बिना देखे जाता ही नही था..
वो तिराहे से अपने घर की तरफ़ मुड़ जाती थी...
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मेरी आदत थी हिंदी लिखने के बाद ऊपर से लाइन नही खिचता था III उस दिन हिंदी के टीचर से Notebook चेक कराने गया तो Sir बोले की लाइन क्यूँ नी मारे...
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मै बोला Sir Line मारना जरुरी होता है क्या ????? Sir बोले हाँ .. class हँसने लगी और कोई सबसे ज्यादा हँस रही थी तो वो थी आयशा .....उसको हँसता देख मुझको अलग ही खुशी मिलती थी ...मै उसको देखता ही रहता था और किसी न किसी बहाने उसे हँसाता रहता था....
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पर उससे कभी कुछ कहने की हिम्मत नही हुई l
पुरी class को लगता था की हम दोनो एक दूसरे को प्यार करते है...,अब शायद उसे भी लगने लगा था की मै उसे बहुत चाहता हूँ ..
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एक दिन वो school नही आयी थी....
तो अगले दिन वो मेरे से First time मुझसे... कुछ माँगी और बोली की मुझे.... अपनी Notebook देदो!..
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मैने कहा ठीक है interval के बाद ले लेना
फिर मैने interval के time english के notebook के index page पे लिखा ...
आयशा तुम मेरी जिन्दगी हो ...
I LOVE YOU ....
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जन्नत सी होगी मेरी जिन्दगी आयशा !!!अगर तुम्हारा साथ होगा........
और मैने उसे interval के बाद दे दिया ......मैने उस दिन की last क्लास मे उसे देखा पर वो मेरे तरफ़ ध्यान नही दी ....
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फिर उस दिन school की छुट्टी के बाद हर रोज की तरह उसे देखने के लिये मैं तिराहे पे wait कर रहा था, मेरे friends भी साथ मे थे ....वो cycle से आयी और मुझे देखके मुस्करायी और बोली कि तुम्हारी Notebook मेरे Desk के Drawer में है.... और जाने लगी ...मेरे friends बोले की वो तेरे को प्यार करती होगी तो तेरे बुलाने पे पीछे मुड़कर देखेगी
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मैने भी आयशा आवाज़ लगा दी ....उसने मुझे पीछे मुड़के देखना चाहा और उसके cycle की handle मुड़ गयी....
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सामने से आ रहा ट्रक उसकी cycle से
टकरा गया, उसको और उसकी cycle को रौंदता हुआ चला गया ...........और मैं कुछ न कर सका इतना भी वक्त नहीं मिला कि उसे Hospital लेके जाऊँ .. उसकी साँसे हमेशा के लिए थम गईं....... और मैं रोता ही रह गया....
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उसके बाद कई दिनो तक मैं school नही गया ..सब दोस्तो के कहने पे बहुत हिम्मत करके school गया...
तो हर बार उसकी bench पे ही नज़र जा रही थी ...
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Interval हुआ सभी बाहर चले गये तो मै उसकी bench पे गया और बैठा उसकी bench की drawer मे देखा तो मेरी Notebook पड़ी थी और उसपे लिखा था ..
हाँ मैं तुम्हारी जिन्दगी हूँ....
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LOVE YOU TOO.......
इतना पढ़ते ही मेरी आंखो आँसू आ गए.. काश मैं उस दिन उसको आवाज नहीं लगायी होती तो... आज वो सच में मेरी जिदंगी नहीं...
मेरी जिंदगी में होती.....
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आंसू सुख गये हो जैसे सिसकियॉं नही आती
तु नही है तो हमे हिचकियॉं नही आती लिखने को लिख रखी है तेरे नाम कि कई चिट्ठियॉं पर तु जहा है वहा चिट्ठियॉं नही आती.
लेखक - अज़हर शेख
2 टिप्पणियाँ
kya bat h bohat khub ....ye true story h kya apki??
जवाब देंहटाएंEk no... bhaiyya ji जय भीम
जवाब देंहटाएंIf you have any doubt please let me know.
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