ब्लैक होल की पहली तस्वीर


ब्रह्माण्ड में अनंत राज छुपे हैं। इसकी कोई गहराई नहीं है। इसके रहस्यों को जितना अधिक खंगालने की कोशिश करते है उतना ही अधिक इसमें हम खोते जाते हैं। इन्हीं खोजों के तहत वैज्ञानिकों को ब्रह्माण्ड की खूबसूरती देखने को मिली। आज हम आपको ब्रह्माण्ड में स्थित एक बहुत बड़े ब्लैक होल के बारे में बताएंगे जो प्रकाश  के वेग के लगभग बराबर ही गतिमान है।

ब्लैक होल

ब्रह्माण्ड में स्थित ऐसा स्थान जहां पर गुरुत्वाकर्षण बल भी कार्य नहीं करता है और प्रकाश भी उसी स्थान पर समाहित हो जाता है एवं वहां से बहार नहीं निकल सकता। जहां परे भौतिकी के सारे नियम कार्य करना बंद कर देते है। ऐसी स्थान को ब्लैक होल कहते है। इसका आकर कैसा भी हो सकता है। ब्लैक होल तब बनते है जब कोई सितारा सुपरनोवा विस्फोट के साथ मरता है।

एक विशालकाय ब्लैक होल






10 अप्रैल 2019 के दिन दुनिया भर के शोधकर्ताओं ने एक अंतर्राष्ट्रीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में, एक तस्वीर का अनावरण किया जो एक विशालकाय ब्लैकहोल की है। इस विशालकाय ब्लैक होल की तस्वीर लेने के लिए दुनिया भर के शोधकर्ता कईं सालों से मेहनत कर रहे थे और उन सबकी मेहनत रंग लाई जिसने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया। यह विशालकाय ब्लैक होल मेसियर 87 नाम की आकाशगंगा के केंद्र में स्थित है, जो की पृथ्वी से 55 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। यह तस्वीर असली तस्वीर नहीं है जबकि यह ब्लैक होल की परछाई है क्योंकि ब्लैक होल अपने अंदर सबकुछ निगल जाता है, यहां तक की प्रकाश को भी ब्लैक होल अपने अंदर समाहित कर लेता है। इसलिए ब्लैकहोल को देखना और ढूंढ़ना सबसे मुश्किल कार्य होता है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने जिस तस्वीर का अनावरण किया है उसमे जो प्रकाशित वलय दिख रहा है वह अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से आस-पास मौजूद प्रकाश को अपने में खींच रहा है। यह ब्लैक होल हमारे सूर्य से 6.5 बिलियन गुणा अधिक बड़ा है।


इवेंट होराइजन टेलिस्कोप के निदेशक शेफर्ड एस. डोएलमेन ने एक अपने एक बयान में कहा की :

हमने ब्लैक होल की पहली तस्वीर ली है। यह 200 से अधिक शोधकर्ताओं की एक टीम द्वारा पूरा किया
गया एक असाधारण कार्य था।

इस ऐतिहासिक पल को दुनिया कभी भी भूल नहीं पाएगी। नासा की चंद्र एक्स रे ऑब्जर्वेटरी द्वारा इस ब्लैक होल पर शोध किया जा रहा है जिसके तहत उन्होनें पाया की इसका जेट अत्यधिक वेग से घूम रहा है जो प्रकाश की गति से भी अधिक है और भौतिकी के सारे नियमों के विपरीत यह ब्लैक होल मेसियर 87 के केंद्र में से जेट के माध्यम से गैसें और धुल के कण बाहर फेंक रहा है जिसका फैलाव कईं प्रकाश वर्ष है और वह जेट हर दिन घूम रहा है।
अन्य वैज्ञानिकों ने यह कहा की यह जेट घूम तो रहा है लेकिन प्रकाश के वेग से कम।
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