Written By - Prashant Panchole
BUDGET 2020
देखते ही देखते बजट भी आ गया है। क्या मोदी सरकार के द्वारा इस बार का सबसे अच्छा बजट पेश किया गया हैं या सबसे खराब। आइए एक नजर डालते हैं इस बार के बजट पर।
कईं सरकारी क्षेत्रों को इस बार निजी हाथों में सौंपने की तैयार हो चुकी हैं। लगता हैं जैसा मोदी जी ने कहा था की 'मैं देश नहीं बिकने दूंगा। ' लेकिन देशवासिओं ने गलत समझ लिया था। उनका कहने का मतलब था की टुकड़ों-टुकड़ों में जरूर बेच दूंगा और किसी को पता भी नहीं चलने दूंगा। वैसे कुछ फैसले अच्छे भी किये हैं। आईये देखते हैं -
निजी आय पर टैक्स
केंद्रीय बजट में 5 लाख तक की आय को मुक्त रखा गया है। केंद्रीय बजट में 500000 से 7.5 लाख रुपए तक 10% टैक्स देना होगा। 7.5 लाख से 10 लाख तक 20% टैक्स देना होगा। 12.5 लाख से 15 लाख रुपए तक 25% टैक्स देना होगा।
यदि आप कम दर से टैक्स देना चाहते हैं तो आपको विभिन्न छूटो का मोह त्यागना होगा
रक्षा बजट
केंद्र सरकार द्वारा 2020 के बजट में रक्षा बजट में 6% की वृद्धि की गई। इस वर्ष से यह बढ़कर 3.37 लाख करोड़ रुपए हो गया है। 2019 के बजट में यह 3.18 लाख करोड रुपए था। यदि 2020 के बजट में रक्षा क्षेत्र की पेंशन को भी जोड़ दिया जाए तो यह राशि बढ़कर 4.7 लाख करोड़ रुपए हो जाएगी। इस वर्ष सरकार रक्षा क्षेत्र की पेंशन के लिए 1.33 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया है जोकि पिछले वर्ष 1.17 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था। हथियारों की खरीद के लिए 110734 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है
शिक्षा क्षेत्र
केंद्र सरकार ने 99300 करोड रुपए का प्रावधान शिक्षा क्षेत्र के लिए किया है। सरकार ने इस वर्ष 2020 के बजट में 3300 करोड़ रुपए का प्रावधान स्किल डेवलपमेंट के लिए किया है। इस वर्ष के बजट में वर्ष 2021 तक 150 उच्च शिक्षण संस्थान खोले जाने का प्रावधान किया गया है। नेशनल पुलिस यूनिवर्सिटी तथा नेशनल फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी खोले जाने का प्रावधान किया गया है। देश के हर जिले में एक जिले में अस्पताल के साथ में एक मेडिकल कॉलेज खोले जाने का प्रावधान किया गया है। शिक्षा में गुणवत्ता और विद्यार्थियों को सहूलियत देते हुए डिग्री लेवल ऑनलाइन प्रोग्राम का प्रावधान किया गया है। जिसके अनुसार अब विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय जाने की जरुरत नहीं होगी। अब डिग्री के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
वित्त मंत्री जी ने नई शिक्षा नीति जारी करने की घोषणा की है
स्वास्थ्य क्षेत्र
हेल्थ सेक्टर के लिए 2020 के बजट मे 69 हजार करोड रुपए प्रावधान किया गया है। इस राशि में 6400 करोड रुपए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए भी शामिल है। पीएम जन आरोग्य योजना में 20,000 से ज्यादा अस्पताल पीनल में शामिल है जिसे और बढ़ाने की योजना है। मिशन इंद्रधनुष का दायरा बढ़ाकर इसमें 12 बीमारियां और जोड़ दी गई है। इसमें पांच नई वैक्सीन और जोड़ दी गई है। वर्ष 2020-21 कि बजट में स्वच्छता अभियान के लिए 12300 करोड रुपए का प्रावधान किया गया हैं।
जल जीवन मिशन के तहत हर घर में पाइन द्वारा पानी पहुंचाने के लिए 3.6 लाख करोड रुपए का प्रावधान किया गया है
इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र
अगले 5 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 100 करोड़ रुपए का निवेश होगा। राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल फैलाने के लिए 1.17 लाख करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। हाउसिंग, स्वच्छ पानी, हेल्थकेयर, शिक्षण संस्थान, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, वेयरहाउसिंग, सिंचाई जैसे क्षेत्रों में निवेश किए जाएंगे। सिंगल विंडो ई-लॉजिस्टिक मार्केट बनेगा। 2,500 किलोमीटर एक्सप्रेस हाईवे, 9,000 किलोमीटर इकनॉमिक कॉरिडोर, 2000 किलोमीटर स्ट्रेटिजिक हाईवे बनेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि 6,000 किलोमीटर हाइवे 2024 से बनेंगे। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे, चेन्नै-बेंगलुरु एक्सप्रेस जल्द बनकर तैयार होगा।
रेलवे क्षेत्र
केंद्रीय बजट में रेलवे को 70,000 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता आवंटित की गई है तथा वर्ष के दौरान रेलवे के लिए कुल 1.61 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है। जल्द खराब होने वाले कृषि उत्पादों के लिए राष्ट्रीय शीत आपूर्ति श्रृंखला के विकास की योजना के तहत निजी सरकारी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल में किसान रेल चलाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का चुनिंदा मेल एक्सप्रेस और मालगाड़ियों के जरिए जल्द खराब होने वाले सामान की ढुलाई के लिए रेफ्रिजरेटेड पार्सल वैन का भी प्रस्ताव है।
किसान एवं गांव
किसानों तथा ग्रामीण भारत के लिए 2.83 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जबकि अगले साल 15 लाख करोड़ रुपये का कृषि ऋण देने का लक्ष्य है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री आवास बीमा योजना के तहत 6.11 करोड़ किसानों का बीमा कराया है और उनकी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने पर कायम है। उन्होंने कहा कि सरकार सस्टेनेबल क्रॉपिंग पैटर्न पर काम कर रहे हैं और केंद्र का दलहन पर खास फोकस है। इसके अलावा, पीएम कुसुम स्कीम के जरिए 20 लाख किसानों को सोलर पंप मुहैया करवाए जाएंगे और 100 सूखाग्रस्त जिलों के विकास पर काम होगा।
कॉरपोरेट क्षेत्र
बजट के बड़े ऐलानों में डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स (DDT) को खत्मा भी रहा। केंद्र के इस कदम से कंपनियों ने राहत की सांस ली है। सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने पर 25,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि अब सीधे डिविडेंड हासिल करने वाले पर टैक्स लगेगा।
पर्यटन क्षेत्र
बजट में संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी घोषणाएं की गई। वित्त मंत्री ने कारोबारी वर्ष 2020-21 में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 2,500 करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान रखा है। सरकार पांच पुरातात्विक स्थलों का कायाकल्प करेगी। ये पुरातात्विक स्थान राखीगढ़ी (हरियाणा), हस्तिनापुर (यूपी), शिवसागर (असम), धोलावीरा (गुजरात) और आदिचेल्लनूर (तमिलनाडु) होंगे। इन सभी जगहों पर म्यूजियम बनेंगे, जिससे यहां टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। सरकार संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक डीम्ड यूनिवर्सिटी भी खोलेगी।
दूरसंचार क्षेत्र
केंद्र सरकार गांव-गांव ब्रॉडबैंड पहुंचाने की योजना भारत नेट (भारत ब्रॉडबैंक नेटवर्क लिमिटेड) का आगे और विस्तार करने वाली है। अगले वित्त वर्ष में इसके लिए 6,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
रेल बजट क्षेत्र के अन्य तथ्य
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार रेलवे को निजी हाथों में सौंपने की जिम्मेदारी ले रखी हैं। उन्होंने अपने भाषण में कहा की इस वर्ष के बजट में 150 ट्रेनें पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप ( पीपीपी) मोड पर चलाई जाएगी। तेजस जैसी तथा अन्य ट्रेनों की सहायता से विभिन्न पर्यटन स्थलों को जोड़ा जाएगा। लगता है सरकार को खुद के ऊपर से भरोसा उठ गया है।
सोलर पावर ग्रिड रेलवे पटरी के किनारे बनेगा।
148 किलोमीटर लंबी बेंगलुरु उपनगरीय रेलवे सिस्टम मनाया जाएगा जिसमें केंद्र सरकार 25% राशि देगी।
250 रेलवे स्टेशनों को वाईफाई की सुविधा प्रदान की जाए।
27000 किलोमीटर रेल लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन किया जाएगा।
इसके अलावा भी बहुत कुछ बजट में कहा गया हैं। हमसे जुड़े रहिये।
0 टिप्पणियाँ
If you have any doubt please let me know.
Emoji